चेयरमैन का संदेश

"सपनों को साकार करने और उज्ज्वल भविष्य का निर्माण"

श्री मनोज पोरवाल - चेयरमैन

श्री मनोज पोरवाल

संस्थापक, जयोत्री अकैडमी

शिक्षा: सपनों को साकार करने की एक यात्रा

शिक्षा केवल ज्ञान प्राप्ति का माध्यम नहीं, बल्कि सपनों को साकार करने, संस्कारों को आगे बढ़ाने और उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करने की प्रक्रिया है। मेरे लिए जयोत्री अकैडमी मात्र एक संस्था नहीं, बल्कि एक भावना, एक श्रद्धांजलि और जीवन भर का संकल्प है, जो मुझे अपने माता-पिता से प्रेरणा स्वरूप प्राप्त हुआ।

मेरे पिता स्वर्गीय श्री जयगोपाल पोरवाल एक प्रतिष्ठित व्यवसायी होने के साथ-साथ समाजसेवी भी थे, जिनका शिक्षा के प्रति गहरा विश्वास था। मेरे छात्र जीवन में ही उनके असामयिक निधन ने मुझे भीतर तक झकझोर दिया। परिस्थितियों ने मुझे औपचारिक शिक्षा जारी रखने का अवसर नहीं दिया, परंतु सीखने की जिज्ञासा कभी समाप्त नहीं हुई। मेरी माता स्वर्गीय श्रीमती गायत्री देवी पोरवाल ने भी शिक्षा के माध्यम से समाज को सशक्त बनाने का सपना देखा था। उन्हीं सपनों ने मुझे एक ऐसी शिक्षण संस्थान की स्थापना के लिए प्रेरित किया, जो गुणवत्तापूर्ण और सर्वसुलभ शिक्षा प्रदान करे।

इसी संकल्प के साथ वर्ष 2015 में मात्र 100 विद्यार्थियों से जयोत्री अकैडमी की शुरुआत हुई। आज वही छोटा सा प्रयास एक सशक्त और फलते-फूलते संस्थान में परिवर्तित हो चुका है, जहाँ 1700 से अधिक विद्यार्थी बहुआयामी शिक्षा प्राप्त कर अपने उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर हैं। यह यात्रा केवल हमारी नहीं, बल्कि अभिभावकों, शिक्षकों और समाज के विश्वास की यात्रा है।

जयोत्री अकैडमी में हमारा विश्वास है कि शिक्षा पुस्तकों तक सीमित नहीं है। यह जिम्मेदार नागरिक, संवेदनशील इंसान और आत्मविश्वासी नेतृत्व तैयार करने की प्रक्रिया है।

मैं सभी अभिभावकों, विद्यार्थियों, शिक्षकों और शुभचिंतकों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ, जिनके सहयोग और विश्वास ने इस सपने को साकार किया। आइए, हम सभी मिलकर आने वाली पीढ़ियों के लिए उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करते रहें।

श्री मनोज पोरवाल

संस्थापक, जयोत्री अकैडमी

"शिक्षा केवल ज्ञान प्राप्ति का माध्यम नहीं, बल्कि सपनों को साकार करने की प्रक्रिया है।"